सालाना किराया चेक में कैसे बंटता है
- माजन - स्टूडियो - AED 3,500 प्रति माह। सालाना AED 42,000, यानी चार चेक में AED 10,500 और दो चेक में AED 21,000 प्रति चेक।
- अरजान - स्टूडियो - AED 3,750 प्रति माह। सालाना AED 45,000, चार चेक में AED 11,250 और छह चेक में AED 7,500 प्रति चेक।
- अल कुसैस - सभी आकार का औसत - AED 3,836 प्रति माह। सालाना AED 46,027, माजन के स्टूडियो से AED 4,027 ऊपर।
- माजन - दो बेडरूम - AED 7,083 प्रति माह। सालाना AED 85,000, चार चेक में AED 21,250 प्रति चेक।
- दुबई मरीना - एक बेडरूम - AED 11,250 प्रति माह। सालाना AED 135,000, चार चेक में AED 33,750 और दो चेक में AED 67,500 प्रति चेक।
- ओल्ड टाउन - सभी आकार का औसत - AED 14,455 प्रति माह। सालाना AED 173,464, चार चेक में AED 43,366 प्रति चेक।
महीने का दाम और चेक का दाम एक चीज नहीं है
दुबई में करार साल का होता है और दाम भी साल का लिखा जाता है। जो दाम आप विज्ञापन में महीने का देखते हैं, वह सालाना रकम को बांटकर बनाया गया आंकड़ा होता है, चुकाने का तरीका नहीं। असल में रकम चेक में बंटती है, और चेक जितने कम हों, एक बार में उतना बड़ा हिस्सा देना पड़ता है। अरजान के स्टूडियो का उदाहरण साफ है: सालाना AED 45,000 दो चेक में AED 22,500 के दो टुकड़े बनते हैं, चार चेक में AED 11,250 के चार, छह चेक में AED 7,500 के छह और बारह में AED 3,750 के बारह।
यह फर्क बड़े दामों पर भारी पड़ता है। दुबई मरीना के एक बेडरूम पर सालाना AED 135,000 दो चेक में देना हो तो पहली किस्त ही AED 67,500 की बैठती है, जबकि माजन के स्टूडियो पर वही दो-चेक वाली किस्त AED 21,000 की है - AED 46,500 का फर्क, सिर्फ इस बात में कि कौन सा घर चुना गया। इसीलिए बजट बनाते समय महीने का आंकड़ा नहीं, पहली किस्त का आंकड़ा देखना चाहिए। कम चेक पर मकान मालिक अक्सर मोलभाव के लिए तैयार होते हैं, ज्यादा चेक पर मांगा गया दाम ऊपर रहता है। नए सौदे और जो दाम इन आंकड़ों से नीचे खुलते हैं, वे हमारे टेलीग्राम चैनल DXB Radar पर आते हैं।
चेक तय करते समय क्या देखें
चेक की संख्या सिर्फ सुविधा की बात नहीं है। हर चेक की तारीख करार में लिखी जाती है और बैंक खाते में उस दिन पैसा होना जरूरी है, इसलिए ज्यादा चेक लेने का मतलब है साल भर हर तारीख याद रखना। दूसरी तरफ कम चेक का मतलब है एक बार में बड़ी रकम, जो अक्सर भारत से पैसा मंगाकर या बचत तोड़कर जुटानी पड़ती है।
करार पर हस्ताक्षर से पहले तीन बातें अलग से लिखवा लेनी चाहिए: चेक की तारीखें, चिलर यानी ठंडक का बिल किराए में है या अलग, और मेंटेनेंस किसके जिम्मे है। इजारी में किरायेदार का नाम दर्ज होना भी जरूरी है, वरना बिजली-पानी का कनेक्शन और वीजा से जुड़े काम अटकते हैं। ऊपर के सारे आंकड़े सितंबर 2026 के मांगे गए किराए हैं, और चेक वाली रकमें उन्हीं सालाना दामों को बराबर हिस्सों में बांटकर निकाली गई हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुबई में किराया महीने का होता है या साल का?
साल का। माजन के स्टूडियो का करार AED 42,000 सालाना का होता है, महीने वाला AED 3,500 उसी को बांटकर निकला आंकड़ा है।
चार चेक में AED 42,000 का किराया कितना बनता है?
हर चेक AED 10,500 का।
कम चेक देने पर क्या फायदा है?
मांगे गए दाम पर मोलभाव की गुंजाइश बढ़ती है, पर पहली किस्त बड़ी होती है - AED 45,000 सालाना पर दो चेक का मतलब AED 22,500 एक बार में।
महंगे इलाके में पहली किस्त कितनी बड़ी हो सकती है?
ओल्ड टाउन के औसत AED 173,464 सालाना पर चार चेक का हर टुकड़ा AED 43,366 का बनता है।
बारह चेक लेने पर हर महीने कितना जाता है?
सालाना रकम का बारहवां हिस्सा, जैसे दुबई मरीना के एक बेडरूम पर AED 11,250 प्रति माह।
